मेरी चाची रोजाना पता नहीं कहां जाती है और जब लौट कर आती हैं तो बहुत थकी हुई और पसीने में भीगी हुई रहती है उनके पास चलने की भी दम नहीं होता है वह बस आते ही पंखे के नीचे खड़ी हो जाती है और पानी पीती है फिर नहाने के लिए चली जाती है जी हां दोस्तों मेरा नाम सौरभ है मैं अपने चाचा और चाची के साथ उनके घर पर ही रहता हूं

मेरी चाची की कहानी Motivational Hindi Story Hindi Story with Moral

क्योंकि उनकी कोई भी औलाद नहीं है इसीलिए मेरे माता पिता ने मुझे इन दोनों की देखभाल के लिए मुझे यहां पर छोड़ दिया मैं यहां रहता हूं और घर का सारा काम कर दिया करता हूं चाचा सुबह ऑफिस चले जाते हैं और घर का जितना भी काम होता है सामान लाना सब्जी लाना वह सब काम मैं कर देता हूं

जिससे चाचा चाची को बड़ा आराम होता है मेरे चाचा और चाची की शादी के 10 साल हो गए हैं लेकिन फिर भी उनके कोई बच्चा नहीं हुआ इसीलिए चाचा रोज रात को चाची को बहुत बुरा भला कहते हैं और उनके ऊपर चिल्लाते हैं मेरी चाची यह सुनकर बहुत रोती है हर रात को दोनों के बीच बहुत लड़ाई झगड़ा होता है मुझे अपनी चाची के ऊपर बहुत तरस आता है मैं उनके लिए कुछ भी नहीं कर पाता हूं

एक दिन मैंने देखा चाचा जैसे ही ऑफिस चले गए चाची तैयार होकर कहीं जाने लगी और मुझसे कहा कि सौरभ दरवाजा बंद कर लो मुझे आने में थोड़ी देर होगी और जब बहुत देर बाद चाची आई तो वह बहुत थकी हुई थी और पसीने से लथपथ थी और ठीक से चल भी नहीं पा रही थी मैंने उनसे बहुत पूछा कि क्या हुआ चाची लेकिन उन्होंने मुझे बताने से इंकार कर दिया वह अपने कमरे में चली गई 1 दिन होता तो ठीक था

लेकिन यह कहानी तो हर दिन की हो गई थी चाचा के जाते ही चाची चली जाती थी मैंने उनका पीछा करने की कोशिश की तो मैंने देखा कि वह एक बड़ी सि हवेली में जाती थी फिर मेरी हिम्मत नहीं हुई अंदर जाने कि मैं बाहर से ही देखकर वापस घर की तरफ भाग गया ऐसा कई दिनों तक चलता रहा मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और दिल में एक वो भी था कि आखिर वह उस बंगले में जाकर क्या करती हैं जो इतना थक जाती है

मैंने एक दिन सोचा क्यों ना यह बात चाचा को बता दी जाए लेकिन मैंने सोचा चाचा बहुत गुस्सा करेंगे और चाची को घर से भगा देंगे इसीलिए मैंने चाचा से यह बात नहीं बताई और अगले दिन मैंने चाची का पीछा किया और सोचा कि आज तो में यह पता कर के रहूंगा कि आखिर चाची उस हवेली में जाकर आखिर करती क्या है फिर मैं उनका पीछा करते-करते वहां पहुंच गया

वह अंदर गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया फिर मैं उस हवेली के पीछे गया और वहां पर खिड़की से अंदर देखा तो मेरे होश उड़ गए अंदर तो एक तांत्रिक बैठा था उसके सामने चाची बैठी थी और वह चाची को कोड़ा से मार रहा था और कह रहा था कि इससे मार खाने से ही तुम जल्दी से मां बन जाओगी और जितने भी पैसे लाई हो सब मुझे दान करो

उनकी यह सब बातें सुनकर मैं तुरंत ही अपने माता-पिता के घर गया और उनको यह सब बातें बताइए मेरी मम्मी ने चाची को समझाया या सब ढोंग मत करो तुमको हम लोग एक अच्छे से डॉक्टर को दिखाएंगे फिर मेरी मम्मी ने मेरे चाचा और चाची को ले जाकर एक बढ़िया डॉक्टर को दिखाया  

डॉक्टर ने कहा ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है या छोटी सी दिक्कत है आप एक महीने तक मेडिसिन खाएंगे देख लेना आपको बहुत जल्दी फायदा हो जाएगा और जो डॉक्टर ने कहा था वही हुआ उनको जल्द ही एक बच्चा हो गया चाचा और चाची बहुत खुश थे उनको देखकर आज सौरभ भी बहुत खुश था आज सौरभ की सूझबूझ के कारण ही उन दोनों को एक नई जिंदगी मिल गई थी

Conclusion

दोस्तों ज़िन्दगी में अगर आप दूसरों का भला करेंगे तो लोग आपका भी भला करेंगे आपको मेरी चाची की कहानी Hindi Story with Moral कहानी कैसी लगी हमको जरूर बताना चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब जरूर कर देना एक नई कहानी के साथ मैं आपसे फिर मिलने जरूर आऊंगी धन्यवाद

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