ज्योति मौर्या नहीं मेरे पैर की जूती बनाकर रखूंगा जी हां दोस्तों यह बात कही थी मेरे पति ने मुझसे मेरी दीदी जबरदस्ती मुझे अपने पति के साथ सुला कर खुद सारी रात बाहर रहती थी एक दिन मेरे जीजा को पता चल गया कि मैं उनकी पत्नी नहीं हूं बल्कि मैं उनकी छोटी साली हूं उन्होंने फिर मेरे साथ जो किया वह सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे क्योंकि जीजा जी सबसे पहले मेरा कपड़ा देखते थे और ऐसा हर दिन होता था एक दिन की बात होती तो ठीक था लेकिन मेरी दीदी हर रोज यही करती थी जी हां दोस्तों यह बात उन दिनों की है 

ज्योति मौर्या हिंदी कहानिया | New Emotional Story
jyoti maurya
alok maurya
Sikshaprad kahaniya

जब मैं अपनी पढ़ाई करके शहर अपने दीदी और जीजा के यहां रहने आई थी यह दिल्ली शहर दिल वालों के लिए मशहूर है मैंने सोचा कि यहां रह कर अपनी पढ़ाई पूरी कर लूंगी क्योंकि यह बहुत बड़ा शहर है और यहां बहुत सारे कोचिंग सेंटर हैं मुझे अपने दीदी के यहां रहते हुए करीब एक महीना ही हुआ था एक रात को मेरी दीदी मेरे कमरे में आई और मुझे जगाने लगी  रेखा जल्दी से उठो बहुत जरूरी काम है मैं तो एकदम से डर ही गई थी कि आखिर क्या बात हो गई जो इतनी रात में वह मेरे कमरे में आई है 

उन्होंने मुझसे कहा जल्दी से अपने कपड़े उतारो और मेरे यह कपड़े पहन लो मेरे तो समझ में नहीं आ रहा था यह क्या हो रहा है मैंने उनसे पूछा कि क्या चक्कर है लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से मना किया और कहा मैं जो कह रही हूं वैसा करो जल्दी जाओ और जाकर अपने जीजा के बगल में सो जाओ मैं कल सुबह जल्दी आ जाऊंगी वह यह कह कर तुरंत घर से बाहर चली गई और मैं जाकर जीजा के बगल में सो गई मैं रात भर बहुत डरी हुई थी कहीं जीजा जी को पता ना चल जाए और कहीं उन्होंने अपनी बीवी समझ कर रात में  मेरे साथ कुछ और कर दिया तो बहुत डरते डरते रात से दिन हुआ और दीदी आ गई मैंने राहत की सांस ली और मैं वापस अपने कमरे में चली गई यह सब एक दिन की बात थी यही सोच कर मैं चुप थी लेकिन मेरी दीदी तो रोजाना यही करने लगी मुझे जीजा के कमरे में भेज कर  अपना रात में घर से बाहर जाने लगी एक रात को मैंने सोचा कि आखिर यह मुझे सुला कर कहां जाती हैं आज तो मैं यह राज़ जान कर रहूंगी या जैसे ही घर से बाहर निकली मैं भी  उनका पीछा करने लगे

तभी मैंने देखा एक लड़का मोटरसाइकिल से आया और मेरी दीदी को बैठा कर ले गया अब सब कुछ मैं समझ गई थी कि मेरी दीदी का कहीं चक्कर चल रहा है और वह मेरे जीजा को धोखा दे रही है मैं वहां से वापस घर आ गई और चुपचाप लेट गई कि अब सुबह दीदी से बात करूंगी फिर जैसे ही सुबह दीदी घर वापस आई तो मैंने दीदी से पूछा यह सब कब से चल रहा है उन्होंने मुझसे कहा तुम अपना काम से काम रखो नहीं तो मैं तुमको वापस गांव भेज दूंगी और घर पर कह दूंगी कि इसका अपने जीजा के साथ कुछ चक्कर चल रहा है

जिसकी वजह से तुम बदनाम हो जाओगी और दोबारा फिर यहां कभी नहीं आ पाओगे यह सब सुनकर मैं बहुत रोने लगी कि मेरी दीदी मुझसे ऐसा कह रही है मैंने उनसे कुछ नहीं पूछा और वह जैसा कहती मैं वैसा ही करने लगी यह सब कई महीनों तक चलता रहा मैं बस डरती थी कहीं मेरे जीजा को ना पता चल जाए एक दिन सुबह मेरी दीदी कई पुलिसवालों के साथ मेरे घर आई जिसे देखकर मैं तो डर ही गई थी मेरी दीदी ने मुझसे कहा देखो मैं आईपीएस बन गई आज मैं इस शहर की सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस बन गई हूं तुम्हारे जीजा और उनके घर वाले कभी नहीं चाहते थे

कि मैं आगे पढ़ाई करूं इसीलिए मैंने यह सब किया तुमको इतना परेशान किया अमित ने कोचिंग करने में मेरा बहुत साथ दिया वह मुझे रात में लेकर जाता था और दिन में छोड़ने आता था यह लोग मुझे दिन में जाने नहीं देते इसलिए मैंने रात का बैच लिया था जिससे मुझे पढ़ाई करने में आसानी हो और अमित मेरे भाई जैसा है मेरा उसके साथ कोई चक्कर नहीं है समझी छोटी बहन अगर मैं यह सब नहीं करती तो आज मैं आईपीएस नहीं बन पाती इसीलिए अगर तुमको कोई तकलीफ हुई है तो मुझको माफ कर देना यह सब सुनकर मुझे भी बहुत अफसोस हुआ कि मैंने अपनी ही दीदी पर शक किया

यह सब बातें जीजा और उनके घर वाले भी सुन रहे थे मेरी दीदी ने जीजा से कहा कि हर इंसान एक जैसा नहीं होता है अगर किसी एक ने गलती की है तो सजा सबको नहीं दी जाती है जिस दिन तुमने मुझसे कहा कि तुमको जूती बनाकर रखूंगा ज्योति मौर्या नहीं उसी दिन मैंने सोच लिया था कि अब तो आईपीएस बन कर ही तुमको दिखाऊंगी तुम मेरे मुश्किल समय में मेरे साथ नहीं थे तुमने कभी मेरा साथ नहीं दिया फिर भी मैं आज तुम्हारे साथ हूं और जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं

और हमेशा तुम्हारा साथ दूंगी यह सब सुनकर जीजा जी रोने लगे और दीदी से माफी मांगने लगे और दीदी ने उनको माफ कर गले से लगा लिया हम सब लोग आज बहुत खुश थे फिर हमने एक बहुत बड़ी सी पार्टी रखी और दीदी के आईपीएस बनने की खुशी में खूब इंजॉय किया

Conclusion (ज्योति मौर्या हिंदी कहानिया | New Emotional Story)

दोस्तों जिंदगी में कभी किसी को गलत नहीं समझना चाहिए हमारे हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती इसी प्रकार संसार का हर इंसान एक जैसा नहीं होता अधूरा ज्ञान और अधूरी बात बहुत खतरनाक होती है इस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए जब तक की पूरी बात ना जान लो तब तक निर्णय नहीं लेना चाहिए एक नई कहानी के साथ आपसे फिर मिलने जरूर आऊंगी

————————————————————————————————————————————–

Read More Story Click Here : शादी के दिन बेटे की असलियत देखकर मां रोने लगी


दोस्तों अगर ज्योति मौर्या हिंदी कहानिया | New Emotional Story लेख अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें इससे हमे सहयोग मिलेगा और कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं, Flasis आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता है, धन्यवाद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *